कोरोना वायरस की रफ्तार को काबू में करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण हाउसहोल्ड सेविंग्स बढ़ी है. वहीं, इस बीच लोगों में हेल्थ, टर्म और लाइफ इंश्योरेंस की मांग में भी इजाफा (Insurance Demand Increased) हुआ है. पिछले एक साल के दौरान बड़ी संख्या में नए लोगों ने सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लांस (SIPs) के जरिये निवेश में बढ़ोतरी की है. वहीं, लोगों ने अपने और अपनों के भविष्य की सुरक्षा के लिए लाइफ व हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में भी पैसा लगाया है. ऐसे में कुछ म्यूचुअल फंड कंपनियों (MF Companies) ने सिप के जरिये निवेश करने वालों को मुफ्त बीमा सुरक्षा (Free Insurance Cover) भी देना शुरू कर दिया है. हालांकि, बीमा राशि एसआईपी की रकम और अवधि के आधार पर तय किया जा रही है.
ये कंपनियों दे रही हैं एसआईपी के साथ बीमा सुरक्षा भी
पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, एसआईपी इंश्योरेंस और आदित्य बिड़ला सनलाइफ सेंचुरी ने एसआईपी के साथ मुफ्त बीमा सुरक्षा का लाभ देना शुरू किया है. अगर निवेशक इन फंड हाउस के एसआईपी प्लान के साथ निवेश शुरू करते हैं तो ग्रुप इंश्योरेंस होने के कारण उनको बिना मेडिकल जांच के इंश्योरेंस का लाभ मिलना शुरू होगा. यह एक फ्री इंश्योरेंस कवर है, जिसके लिए एसआईपी शुरू करते समय कोई भी विकल्प चुन सकता है. यह ज्यादातर फंड हाउस की सभी इक्विटी और हाइब्रिड योजनाओं पर दिया जा रहा है.
फंड हाउस एलिजिबल स्कीम में निवेश करने वाले 18-51 साल के निवेशकों को एसआईपी बीमा दे रहे हैं. ये बीमा सुरक्षा 55 साल तक के निवेशकों के लिए मान्य है. अगर कोई निवेशक 51 साल की उम्र में 10 साल का एसआईपी शुरू करता है तो बीमा सुरक्षा 55 साल की उम्र तक उपलब्ध रहेगी. हालांकि, कुछ कंपनियां 60 साल की उम्र तक भी बीमा सुरक्षा दे रही हैं. म्यूचुअल फंड हाउस पहले साल एसआईपी की राशि का 20 गुना बीमा कवर दे रहे हैं. दूसरे साल 75 गुना और तीसरे साल 120 गुना कवर दे रहे हैं. हालांकि, यह अधिकतम 50 लाख तक का हो सकता है.

