बाजार में सब्जियों की कीमतों में कोई नरमी देखने को नहीं मिली है। हरी सब्जियों के साथ टमाटर के दाम अभी भी उच्चतम स्तर पर बने हुए हैं। फेस्टिव सीजन के खत्म होने के बाद भी इनकी कीमतो में नरमी न आने के कारण आम जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। अब प्याज के साथ लहसुन की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। महंगाई की मार का असर फेस्टिव सीजन के बाद भी चालू है। जहां लोगों को उम्मीद थी कि फेस्टिव सीजन के खत्म होने के बाद उन्हें महंगाई से राहत मिलेगी पर हुआ इसका उलटा। बाजार में हरी सब्जियों, टमाटर के दाम में भले ही हल्की नरमी आई है पर अभी भी इनके दाम उच्चतम स्तर पर बने हुए हैं। वहीं, प्याज की कीमतों में फिर से तेजी आई। इसके अलावा अब लहसुन के दाम में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। हाल में क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार पिछले महीने अक्टूबर में सब्जियों के दाम में हुई बढ़ोतरी के कारण वेज थाली और नॉन-वेज थाली दोनों महंगी रही। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक वेज थाली एक साल की समान अवधि से 20 फीसदी बढ़कर 33.3 रुपये प्रति प्लेट हो गई है। नॉन-वेज थाली भी 5.11 फीसदी महंगी होकर 61.6 रुपये प्रति प्लेट हो गई।
अब लहसुन हुआ महंगा
अब देश के कई बाजारों में लहसुन 500 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। जहां कुछ महीने पहले यह 100 से 150 रुपए किलो बिक रहा था। माना जा रहा है कि लहसुन की कीमतों (Garlic Price Hike) में और इजाफा हो सकता है। इस वजह से कई लोग लहसुन खरीदने से कतरा रहे हैं और यही कारण है कि अनाज मंडियों में इसकी बिक्री काफी कम हो रही है।

