रामलला की मूर्ति चयन के साथ कुछ ऐसी प्रतियोगिताएं भी थीं, जो इस साल सबसे अधिक चर्चा में रहीं। ट्रस्ट की ओर से निर्धारित मानकों के आधार पर राम मंदिर के पुजारियों के चयन के लिए भी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसके लिए 3000 आचार्यों ने आवेदन किया था। इसमें मोहित पांडे का चयन किया गया। ऐसे में राम रामलला के पुजारी आचार्य सत्येंद्र को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई।
साल 2024 में कई ऐसी घटनाएं जो इस साल को यादगार बनाती हैं। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान एक उत्सव को रूप में मनाया गया है। इस उस उत्सव को यादगार बनाने श्री राम जन्मभूमि परिसर में लंबे धार्मिक अनुष्ठान के साथ के कई सांस्कृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। दरअसल, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने राम मंदिर निर्माण से लेकर परिसर के विकास से जुड़े कार्यों को मंदिर ट्रस्ट जांच परख कर रही कर रहा, जिससे कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी ना रहे।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास और मोहित पांडे भी इस साल खूब चर्चा में रहे। आचार्य सत्येंद्र दास 31 वर्षों से रामलला की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने वो दौर भी देखा है, जब रामलला एक टेंट में स्थापित किया गया था। इसके बाद अयोध्या में तनाव के दिनों को भी उन्होंने करीब से देखा है। ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट ने उनके पद में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया, वे अब भी रामलला के मुख्य पुजारी के पद पर बने हुए हैं।
रामलला के नए भवन में पूजा पाठ और अनुष्ठानों का भी दायरा बढ़ गया है। ऐसे में ट्रस्ट को अधिक पुजारियां की अवश्यता महसूस हुई, तो प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही 50 नए पुजारियों का चयन किया गया। राम मंदिर में पुजारियों के चयन के लिए बाकायदा मानक निर्धारित हैं, जिसके तहत आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
रामलला मंदिर के पुजारी मोहित पांडे
राम मंदिर के पुजारियों के चयन में 3000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिसमें में 200 पुजारी ही साक्षात्कार तक पहुंचे। अंतिम रूप से सहायक पुजारियों के पद के लिए 50 पंडितों का चयन किया गया। इन्हीं में से एक मोहित पांडे (Mohit Pandey) भी हैं, जो कि सबसे कम उम्र के पुजारी हैं। हालांकि जब सोशल मीडिया में उनका नाम उछला तो ट्रस्ट ने एक बयान जारी किया। जिसमें गया कि सोशल मीडिया पर कोई भी किसी का नाम चलाया जा सकता है।
आचार्य सत्येंद्र दास
रामलला के टेंट वाले मंदिर से लेकर भव्य भवन में पूजा- पाठ का अनुभव रखने वाले मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास की उम्र करीब 84 वर्ष हो चुकी है। वे पिछले करीब 32 वर्षों से जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में रामलला का नित्य पूजन अर्चन कर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। रामलला की कृपा उनपर बनी रहेगी और उनकी भविष्यवाणी सच निकली, नरेंद्र मोदी को पीएम पद के तीसरे कार्यकाल के लिए चुना गया।


