Afghan Foreign Minister Agra visit: अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्ताकी का बहुचर्चित आगरा दौरा आखिरी समय में रद्द हो गया है, जहां उन्हें विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार करना था। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर भीषण सैन्य संघर्ष छिड़ गया है।
दरअसल, पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान सेना ने डुरंड लाइन पर पाकिस्तानी चौकियों पर ज़ोरदार जवाबी हमला किया है, जिसमें कई पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है। सीमा पर बने युद्ध जैसे हालात के बीच, क्षेत्रीय सुरक्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुत्ताकी को तत्काल स्वदेश लौटना पड़ा है। उनकी यह यात्रा भारत-अफगानिस्तान संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
कूटनीति पर असर, सुरक्षा व्यवस्था धरी रह गई
मुत्ताकी की भारत यात्रा, 30 साल में किसी अफगानी विदेश मंत्री का पहला दौरा होने के कारण, भारत-अफगानिस्तान संबंधों के लिए अत्यधिक कूटनीतिक महत्व रखती थी। ऐसे समय में जब पाकिस्तान से सीमा पर युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं, मुत्ताकी को तत्काल काबुल लौटना पड़ा।
आगरा में, मुत्ताकी के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने पुष्टि की कि उनका कार्यक्रम रद्द हो गया है। आगरा के शहर मुफ्ती मजीद रूमी की अगुवाई में मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल अफगानी विदेश मंत्री से मिलना चाहता था, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। इस अप्रत्याशित सैन्य टकराव ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को गहरा झटका दिया है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीति को भी एक खतरनाक मोड़ पर ला दिया है। मुत्ताकी के अचानक जाने से क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

