भारत में कमजोर मानसून का असर अब सीधे आम आदमी की रसोई और जेब पर पड़ने की आशंका है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, देश भर में डेयरी कंपनियां एक बार फिर से दूध की कीमतों में इजाफा करने पर विचार कर रही हैं।
**क्या है मुख्य कारण?**
दूध की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह कमजोर मानसून को माना जा रहा है। बारिश कम होने की वजह से पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है, जिससे दूध उत्पादन की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है। इसके अलावा, उत्पादन से जुड़ी बढ़ती लागत का भी कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है, जिसकी भरपाई के लिए वे दाम बढ़ाने का रास्ता अपना सकती हैं।
**डेयरी सेक्टर के लिए ग्रोथ का अनुमान**
भले ही महंगाई और कम मानसून का दबाव है, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल डेयरी सेक्टर में कुल वॉल्यूम ग्रोथ 8 से 10 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।
हालांकि, अगर डेयरी कंपनियां दाम बढ़ाती हैं, तो यह सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित करेगा, जो पहले ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। दूध एक बुनियादी ज़रूरत है, इसलिए इसके दामों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का व्यापक असर देखने को मिल
ता है।
