विशेष रिपोर्ट : दिवेश कपूर
जालंधर। सेवा सम्मान समारोह के अवसर पर संबोधित करते हुए भारत संत गौरव श्री पीयूष मुनि जी महाराज ने कहा कि इस समारोह के माध्यम से उन संस्थाओं एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने समाज सेवा, मानव सेवा, धार्मिक सेवा, सामाजिक योगदान तथा जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं अमूल्य योगदान दिया है।
मुनि श्री ने कहा कि सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि एक पवित्र भावना है। सेवा वह साधन है, जिसमें व्यक्ति स्वार्थ का त्याग कर दूसरों की सुख-सुविधा और कल्याण के लिए स्वयं को समर्पित कर देता है। उन्होंने कहा कि सेवा उस दीपक के समान है, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाता है। सेवा के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति समाज में आशा, विश्वास और मानवता का संदेश देता है।

उन्होंने भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा, करुणा, मैत्री और जीव-दया के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि ये केवल उपदेश नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा हैं। जो व्यक्ति सेवा करता है, वही वास्तव में प्रभु के संदेश को अपने जीवन में साकार करता है। उन्होंने कहा कि सेवा सम्मान समारोह सेवा भावना को नमन करने का अवसर है। यह उन हाथों का सम्मान है, जो जरूरतमंदों के आँसू पोंछते हैं, उन कदमों का अभिनंदन है, जो सहायता पहुँचाने के लिए निरंतर आगे बढ़ते हैं, तथा उन हृदयों को प्रणाम है, जिनमें समाज के प्रति दया, संवेदना और समर्पण की भावना विद्यमान रहती है।

मुनि श्री ने कहा कि यदि सेवा का भाव सच्चा हो तो संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। सच्ची भावना, समर्पण और निष्ठा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। सेवा के अनेक क्षेत्र हो सकते हैं, लेकिन उसका मूल उद्देश्य दूसरों के जीवन को बेहतर बनाना ही होता है। उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविक सफलता केवल कमाने में नहीं, बल्कि बाँटने और दूसरों के काम आने में है। सेवा करने वाला व्यक्ति भले ही बाहरी रूप से साधारण दिखाई दे, लेकिन उसके भीतर महानता का वास होता है।
उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपने सामर्थ्य के अनुसार तन, मन, धन, बुद्धि और वाणी से सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा
कि सेवा के लिए बड़े मंच की नहीं, बल्कि बड़े मन की आवश्यकता होती है। सेवाभावी व्यक्तियों का सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक ऊर्जा, उत्साह तथा प्रेरणा के साथ समाजहित में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

इस अवसर पर पंजाब के विभिन्न नगरों में अन्न सेवा, जल सेवा, चिकित्सा सेवा, शिक्षा सेवा, जीव-दया, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न संस्थाओं एवं समाजसेवियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समाज सेवा में अग्रणी लगभग 41संस्थाओं/महापुरुषों का सम्मान करते हुए उत्कृष्ट सेवाशीलता की अनुमोदना की गई।। उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज ने सारगर्भित पावन प्रवचन फरमाया। मंच संचालन महामंत्री सुनील जैन ने किया उनका सहयोग धार्मिक कमेटी अध्यक्ष मुस्कान जैन ने किया।एस एस जैन सभा रजि जालंधर प्रधान राजेश जैन लोहे वाले,महामंत्री सुनील जैन,पूर्व प्रधान विमल प्रकाश जैन, डॉ रितू भाटिया, डॉ सुनील अरोड़ा फिजोथरेपिसट को सम्मानित किया गया। विपन चंद्र जैन की सेवाएं प्रशंसनीय एवं अनुमोदनीय रही।इस अवसर पर मुख्य मंत्री के राजनीतिक सचिव तरूण भंडारी,पूर्व सांसद सुशील रिंकू, पूर्व केबिनेट मंत्री पंजाब सरकार मनोरंजन कालिया, पूर्व विधायक के डी भंडारी,नवल किशोर कंबोज,अश्वनी भंडारी, अनमोल कवत्रा ,जैन सभा जलपान प्रमुख रमेश जैन,योगेश जैन,हर्ष जैन, पुनीत जैन,आशीष जैन,अमित जैन, एवंत जैन,प्रदीप जैन इत्यादि गणमान्य कार्यकारिणी सदस्यों के साथ साथ अमृतसर लुधियाना,फगवाड़ा, होशियारपुर इत्यादि शहरों के गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।
