वॉशिंगटन / कराकास:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के सबसे खूंखार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक संगठन “ट्रेन दे अरागुआ” (Tren de Aragua) के मुख्य सरगना नीनो गुरेरो (Niño Guerrero) को मार गिराया है। यह कार्रवाई अमेरिकी ‘सॉफ्टर्न कमांड’ (U.S. Southern Command) द्वारा किए गए एक सटीक हवाई हमले (Kinetic Strike) में की गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य ऑपरेशन का एक वीडियो जारी कर इसकी पुष्टि की है।
खुफिया इनपुट पर आधारित था संयुक्त ऑपरेशन
पेंटागन और व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन पूरी तरह से खुफिया जानकारियों पर आधारित था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि इस मिशन को वेनेजुएला के अधिकारियों के साथ मिलकर एक ज्वॉइंट ऑपरेशन के तहत अंजाम दिया गया। अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में ‘ट्रेन दे अरागुआ’ गैंग को एक विदेशी आतंकवादी संगठन (Transnational Criminal Organization) घोषित किया था और इसके शीर्ष नेताओं पर लाखों डॉलर का इनाम रखा था।
कौन था नीनो गुरेरो और क्या था उसका साम्राज्य?
असली पहचान: नीनो गुरेरो का असली नाम हेक्टर रुथिनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस था। वह केवल वेनेजुएला ही नहीं, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े क्रिमिनल नेटवर्क का मास्टरमाइंड था।
जेल के अंदर से राज: साल 2013 में गिरफ्तारी के बाद गुरेरो ने वेनेजुएला की ‘टोकोरॉन जेल’ को अपना मुख्यालय बना लिया था। जेल के अंदर उसने एक चिड़ियाघर, नाइट क्लब, आलीशान रेस्तरां, जुआ खेलने के अड्डे और स्विमिंग पूल जैसी लग्जरी सुविधाएं तैयार कर रखी थीं, जहां से वह बेखौफ होकर जबरन वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी का धंधा चलाता था।
11 हजार सैनिकों को दी थी मात: सितंबर 2023 में जब वेनेजुएला की सरकार ने 11,000 सैनिकों के साथ इस जेल पर छापेमारी की, तो गुरेरो एक गुप्त सुरंग के रास्ते पहले ही फरार हो चुका था। इसके बाद वह करीब आठ देशों में फैले अपने नेटवर्क और सोने की अवैध खदानों को नियंत्रित कर रहा था।
अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में नया मोड़
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सफल ऑपरेशन अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सुधरते राजनीतिक और सुरक्षा संबंधों का नतीजा है। इस वर्ष की शुरुआत में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (जिन पर इस गैंग को संरक्षण देने के आरोप थे) की गिरफ्तारी के बाद, वहां की नई कार्यवाहक नेता डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका के साथ सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने की नीति अपनाई है।
क्या अब थमेगा आतंक?
व्हाइट हाउस ने इस ऑपरेशन को अमेरिकी नागरिकों और सीमा सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय रक्षा और अपराध विश्लेषकों का मानना है कि ‘नीनो गुरेरो’ के खात्मे से इस सिंडिकेट को बड़ा झटका तो लगा है, लेकिन इसके नेटवर्क की गहराई को देखते हुए यह आशंका बनी हुई है कि गैंग की कमान संभालने के लिए कोई नया उत्तराधिकारी सामने आ सकता है।

