जालंधर । दिवेश कपूर
जालंधर स्थित BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर हुए IED ब्लास्ट मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि मुख्य आरोपी उमरदीन के मोबाइल फोन पर घटना से पहले और बाद में तीन संदिग्ध कॉल आई थीं। इनमें से दो कॉल विदेशी नंबरों से जुड़ी बताई जा रही हैं, जबकि एक कॉल पंजाब के जीरकपुर में मौजूद एक व्यक्ति से संबंधित है। जांच एजेंसियां अब इन कॉल्स के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
जांच में सामने आया है कि जीरकपुर में मौजूद व्यक्ति का काम वारदात के बाद आरोपी को छिपाने और उसके रहने की व्यवस्था करना था। पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी उमरदीन और उसके साथी अनिल शर्मा को विस्फोटक सामग्री किसने उपलब्ध कराई थी। अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
गौरतलब है कि 5 मई को जालंधर में BSF मुख्यालय के बाहर IED विस्फोट हुआ था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गई थीं। मामले में उमरदीन और अनिल शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत और संदिग्ध संपर्कों की जानकारी मिली है। जांच एजेंसियां अब कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करने में जुटी हैं।

