चंडीगढ़ | विशेष रिपोर्ट
पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर रोक लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में एक अध्यादेश को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब राज्य के कोई भी निजी शैक्षणिक संस्थान बिना निर्धारित प्रक्रिया अपनाए सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। अंतिम स्वीकृति के लिए अध्यादेश राज्यपाल के पास भेजा गया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यदि किसी स्कूल ने पिछले 36 महीनों के दौरान 15 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि की है, तो अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करनी पड़ सकती है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने के लिए स्कूलों को कम से कम छह महीने पहले आवेदन करना होगा। इसके साथ ही वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट और फीस बढ़ाने का ठोस कारण भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। नई सुविधाएं, भवन निर्माण या अन्य खर्चों का पूरा विवरण देना पड़ेगा।
इसके लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जिसमें डिविजनल कमिश्नर, दो जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और एक वित्तीय विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लेगी।

